अमेरिका में है रामसेतु की कॉपी

अमेरिका में है रामसेतु की कॉपी

अमेरिका में जब रेलवे ट्रैक का विस्तार हुआ तब कई रेल कंपनियों में रेलवे ट्रैक बिछाकर खूब सारी ट्रेन चला कर पैसे कमाने की होड़ मच गई।

लेकिन पूर्वी अमेरिका को पश्चिम अमेरिका को जोड़ते समय बीच में एक बेहद विशाल समुद्र जैसी झील द ग्रेट साल्ट लेक थी। यह अमेरिका की सबसे बड़ी झील है। 

बड़े-बड़े इंजीनियर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी इस झील के आर पार रेलवे ट्रैक कैसे बिछाया जाए। 

यूनियन पेसिफिक की टीम में एक इंजीनियर ने रामायण पढ़ी थी और उसे समुद्र पर बने रामसेतु के बारे में जानकारी थी। वह भारत आया और राम सेतु का अध्ययन किया तब उसके दिमाग एक विशेष विचार आया और उसने यह पता लगा लिया कि रामसेतु सीधी रेखा में नहीं है जबकि वह जिगजैग अर्थात टेढ़ी-मेढ़ी आकृति में बना है। अब वह समझ गया कि यदि हम झील में एकदम सीधी रेलवे लाइन बिछाएंगे तब यह रेलवे ट्रैक लहरों के टकराने से टूट सकता है। 

उसने ठीक रामसेतु के डिजाइन पर अपना रेलवे ट्रैक बनाया वो‌ ट्रेक पिछले 60 सालों से अमेरिका में वही का वही खड़ा है और सेवा दे रहा है। इतने समय तक स्टेबिलिटी का वैज्ञानिक कारण यह है कि जहां पर पानी की मार लहरदार होती है वहां जिग जेग डिजाइन से ही स्टेबिलिटी मिलती है।

रामायण में वर्णन मिलता है कि रामसेतू  नामक पुल की रचना मुनिन्द्र ऋषि की कृपा से हुयी जो नल और नील के पुज्य गुरूदेव थे ।

फोटो 1 ↓ - रामसेतु
फोटो 2 ↓ - Union Pecific रेल लाइन ग्रेट साल्ट लेक के बीचोबीच से गुजरती हुई

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